एक-एक पौधा स्वर्गीय गुरु जन एवं स्वर्गीय मित्रों के नाम रोपण किया
50 वर्ष बाद बचपन के साथियों का मिलन समारोह दोस्तों की याद में किया वृक्षा रोपण

दोस्ती में तेरा मेरा नहीं होता हमारा होता है टिफिन आधा-आधा दर्द पूरा पर हंसी डबल होती है
देवास। 26 जुलाई रविवार को नागदा की पहाड़ी की तलहटी में बसे कृषि फार्म में पचास वर्ष पूर्व उन्नीस सो छियोत्तर में सोनकच्छ हायर सेकंडरी स्कूल से परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले साथियों ने सपत्नीक मिल कर पर्यावरण के प्रति अपनी जागरुकता के चलते पर्यावरण संरक्षण संवर्धन के संकल्प के साथ छायादार फलदार एक एक पोधे का रोपण स्वर्गीय गुरु जी एवं दोस्तों के नाम पोधा रोपण किया। पोंधे को वृक्ष बनने तक पोषण की जिम्मेदारी पी सी मेहता ने ली। सेवा निवृत्त सहायक परियोजना समन्वयक अरविन्द शर्मा, दूर संचार विभाग से सेवा निवृत्त पी सी मेहता ने साथियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मिलन समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर सेवा निवृत्त प्राचार्य सतीशचन्द्र तिवारी, सेवा निवृत्त प्राचार्य डाक्टर राकेश महाजन, डाक्टर बुरहानुद्दीन बोहरा, एल्डरमैन राधेश्याम, गजेश्वर सेवा निवृत्त पशु-चिकित्सक भूषण कानूनगो ने अपनी अपनी हायर सेकंडरी स्कूल के पश्चात पचास वर्षीय जीवन यात्रा के रोचक संस्मरण सुनाये। चंचल मेहता, गायत्री शर्मा, डाक्टर निलोफर, संध्या कानूनगो, संगीता तिवारी, प्रमिला गजेश्वर, संगीता महाजन आदि साथी सपत्नीक उपस्थित थे सभी ने मनोरंजक चर्चा कर वर्षों बाद बने इस शुभ अवसर पर अपने विचार रखे एवं संस्मरण सुनाये। मित्रता के सम्बन्धों में गहराई पर बातें बताई सार रुप में मित्रता के लिए सभी एक मत हुए कि समय का अपना एक चक्र है जो अपनी गति से चलता है वह न किसी की प्रतीक्षा करता है ना किसी से विदा लेता है पर व्यक्ति के जीवन में कुछ संबंध ऐसे होते हैं जो समय की धूल से भी मेले नहीं होते हैं उनमें से एक है मित्रता ऐसे सभी मित्रों ने मिलकर आज अपनी पुरानी यादों को ताज किया एवं अंत में नियमित रूप से मिलते-जुलते रहने के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अंत में हायर सेकंडरी स्कूल तक की शिक्षा प्रदान करने वाले स्वर्गीय शिक्षक गुरुजी एवं बचपन के स्वर्गीय साथी महेश सामरिया एवं श्रीमती चतुर्वेदी को श्रद्धांजलि अर्पित की।





