डिजिटल तकनीक से सशक्त होंगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पोषण ट्रैकर और संपर्क ऐप का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण


देवास, 01 अगस्त 2026। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। विभाग द्वारा आयोजित आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में देवास ग्रामीण एवं देवास शहरी परियोजनाओं की कुल 40 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को डिजिटल तकनीक से सशक्त बनाते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और हितग्राही केंद्रित बनाना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के तकनीकी सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यकर्ताओं को आंगनवाड़ी केंद्रों के डिजिटल संचालन, पोषण ट्रैकर, संपर्क ऐप तथा ग्रोथ चार्ट के सही एवं प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही इन डिजिटल माध्यमों के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, ताकि केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य पात्र हितग्राहियों से संबंधित जानकारी का बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
कार्यकर्ताओं को केंद्रों के दैनिक एवं प्रभावी संचालन के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण में हितग्राहियों से बेहतर संवाद स्थापित करने, सेवाओं की समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराने तथा आपसी समन्वय के माध्यम से आंगनवाड़ी सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ताओं को यह भी प्रेरित किया गया कि वे डिजिटल संसाधनों का उपयोग करते हुए पोषण एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं।
व्यावहारिक ज्ञान को और अधिक गहराई से समझने के लिए प्रशिक्षणार्थियों का क्षेत्रीय भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने वन स्टॉप सेंटर, पोषण पुनर्वास केंद्र सहित अन्य संबंधित शासकीय कार्यालयों का भ्रमण किया। भ्रमण के माध्यम से कार्यकर्ताओं को विभिन्न विभागीय सेवाओं, संस्थागत व्यवस्थाओं और हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी प्राप्त हुई।
मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को अनुशासन, सकारात्मक व्यवहार और सेवा भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण में शाला पूर्व शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया गया, जिससे आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों के प्रारंभिक विकास और सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
समापन अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी साबिर अहमद सिद्दीकी, कोर्स समन्वयक एवं परियोजना अधिकारी डॉ. संदीप रूहल तथा मास्टर ट्रेनर्स विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में श्रीमती रचना गौड़, श्रीमती स्नेहा शुक्ला, श्रीमती सीमा चौहान, श्रीमती शैलेश तोमर, श्रीमती संतोष बैरागी एवं श्रीमती सीमा वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमती गीता ठाकुर, एडवोकेट श्रीमती फूलकुवंर तोमर, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. राहुल श्रीवास्तव, डॉ. आसिफ गौरी, काउंसलर श्रीमती एकता जायसवाल तथा मिशन नींव से श्री संदीप ने भी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
यह प्रशिक्षण आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ ही पोषण, स्वास्थ्य, बाल विकास और शाला पूर्व शिक्षा से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल माध्यमों से अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी एवं व्यावहारिक ज्ञान का लाभ अब आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, महिलाओं और पात्र हितग्राहियों तक बेहतर सेवाओं के रूप में पहुंचने की उम्मीद है।

