खेलों की राह पर बढ़ते युवा, नशा-मुक्त भारत का मजबूत आधार: सोनकच्छ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


देवास। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, देवास तथा उड़ान स्पोर्ट्स विकास समिति, सोनकच्छ के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति जन जागृति अभियान 2.0 के अंतर्गत सोनकच्छ में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं युवा खिलाड़ियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें खेल, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खेल समन्वयक जावेद पठान ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके भविष्य, परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। खेलों से जुड़कर युवा न केवल अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए उड़ान स्पोर्ट्स विकास समिति के सचिव सचिन सिंह परिहार ने कहा कि नशा मुक्ति केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। परिवार, विद्यालय, खेल संस्थान और सामाजिक संगठन मिलकर ही युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से बचा सकते हैं तथा स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।
इस अवसर पर अधिवक्ता अपूर्व नागर, फुटबॉल कोच विल्सन निनामा, सुरेन ठाकुर (कालू कप्तान), दीप्ति बिंजवा, अज़ीम खान तथा हॉकी कोच अंकित टोपो ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करते हैं और नशे से दूर रहकर ही खिलाड़ी अपने जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान राहुल सिंह पिलवानी ने उपस्थित बच्चों एवं खिलाड़ियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे।
इस दौरान हाल ही में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कराते प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को खेल समन्वयक जावेद पठान ने टी-शर्ट भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन “नशे से दूरी है जरूरी” के संदेश के साथ हुआ। वक्ताओं ने कहा कि खेलों से जुड़ा युवा ही स्वस्थ, जागरूक और नशा-मुक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।




