पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन एवं जलवायु परिवर्तन पर केंद्र सरकार उठा रही प्रभावी कदम: सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी

लोकसभा में सांसद सोलंकी के तारांकित प्रश्नों पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिए विस्तृत जवाब
देवास। देवास-शाजापुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने लोकसभा में तारांकित प्रश्नों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। सांसद ने देश में कार्बन सिंक निर्माण, वन पुनरुद्धार, जैव विविधता संरक्षण, ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम, सामुदायिक भागीदारी तथा गैर-इमारती वन उत्पादों (एनटीएफपी) को बढ़ावा देने से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी मांगी।
सांसद सोलंकी के प्रश्नों का उत्तर देते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि भारत वर्ष 2030 तक वन एवं वृक्ष आवरण बढ़ाकर 2.5 से 3 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाने के लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मंत्री यादव के अनुसार, वर्ष 2022 तक देश लगभग 2.44 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य कार्बन पृथक्करण के स्तर तक पहुंच चुका है। वन एवं वृक्ष आवरण बढ़ाने तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में वनीकरण और पारिस्थितिकी पुनरुद्धार के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हरित भारत मिशन, काम्पा, मिष्टी और नगर वन योजना सहित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से वन संरक्षण, वृक्षारोपण और पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरुद्धार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने मिष्टी योजना और ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम के उद्देश्यों एवं क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी भी सदन में प्रस्तुत की। सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी द्वारा लोकसभा में उठाए गए इन प्रश्नों के माध्यम से देवास-शाजापुर लोकसभा क्षेत्र सहित देशभर में वन संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने के लिए संचालित सरकारी योजनाओं एवं प्रगति की जानकारी सामने आई।
सांसद सोलंकी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, वन एवं वृक्ष आवरण बढ़ाने तथा स्थानीय समुदायों की सहभागिता को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।


