5-5 लाख रुपये लेकर दूसरे की जमीन बेचने का आरोप, पीड़ितों ने कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार

उदयनगर तहसील के भीकुपुरा गांव का मामला, प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाकर जांच और कार्रवाई की मांग
देवास। जिले की उदयनगर तहसील के ग्राम भीकुपुरा में जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में दो ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर न्याय की मांग की है। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उनसे प्लॉट के नाम पर कुल 10 लाख रुपये लेकर ऐसी जमीन का कब्जा सौंप दिया गया, जो राजस्व रिकॉर्ड में किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है।
आवेदक राधाबाई और नवल ने शिकायत में बताया कि उन्होंने प्लॉट खरीदने के लिए विक्रेता केशरसिंह को अलग-अलग 5-5 लाख रुपये दिए थे। राधाबाई ने 20 बाय 80 वर्गफीट और नवल ने 25 बाय 75 वर्गफीट के प्लॉट का सौदा किया था। आरोप है कि विक्रेता ने अनुबंध पत्र को रजिस्ट्री बताकर उनकी अशिक्षा का फायदा उठाया और पूरी राशि लेने के बाद जमीन का कब्जा सौंप दिया।
पीड़ितों के अनुसार, बाद में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ मिला और उन्होंने संबंधित भूमि पर मकान बनाकर रहना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि जिस भूमि पर मकान बनाए गए हैं, वह राजस्व रिकॉर्ड में राजाराम के नाम दर्ज है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राजाराम और केशरसिंह के बीच मिलीभगत है और दोनों मिलकर उन्हें मकान से बेदखल करने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि वे लंबे समय से उक्त भूमि पर निवास कर रहे हैं और ग्राम पंचायत द्वारा आवास निर्माण के लिए उन्हें शासकीय सहायता भी मिली थी।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई। पीड़ितों ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित धोखाधड़ी, अवैध धनराशि वसूली, धमकी और फर्जी तरीके से जमीन विक्रय के आरोपों की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा मामले में क्या जांच और कार्रवाई की जाती है।




