कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद निगम निष्क्रिय, प्रमुख मार्गों और हाईवे पर खुलेआम बैठा गोवंश, बढ़ा हादसों का खतरा

देवास। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा 15 जुलाई को दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शहर की प्रमुख सड़कों और हाईवे पर गोवंश का जमावड़ा लगातार बना हुआ है। नगर निगम की निष्क्रियता के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि बारिश के मौसम में सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

कलेक्टर ने वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए थे कि मुख्य मार्गों पर गोवंश नहीं बैठना चाहिए तथा गोवंश प्रबंधन के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए थे। हालांकि निर्देश जारी होने के कई दिन बाद भी नगर निगम की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। न तो गोवंश को गौशालाओं में शिफ्ट किया गया और न ही सड़कों से हटाने के लिए कोई विशेष अभियान चलाया गया।
स्थिति यह है कि सुबह और शाम शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों तथा हाईवे किनारे बड़ी संख्या में गायें और अन्य गोवंश बैठे दिखाई देते हैं। इससे वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ता है, जिससे कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। बारिश, कम दृश्यता और फिसलन भरी सड़कों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका और अधिक बढ़ गई है।
एक वाहन चालक ने बताया, “रात के समय हाईवे पर अचानक गाय सामने आ जाती है। कई बार ब्रेक लगाकर किसी तरह हादसे से बचना पड़ा है, लेकिन निगम इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा।”
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कलेक्टर के निर्देशों के बाद भी नगर निगम और गौशाला प्रबंधन की ओर से कोई सक्रियता दिखाई नहीं दी। बारिश के कारण पहले ही सड़कें खराब हैं, ऐसे में सड़कों पर बैठे गोवंश आवागमन को और अधिक जोखिम भरा बना रहे हैं।
लोगों ने सवाल उठाया है कि जब कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं तो उनका पालन क्यों नहीं कराया जा रहा? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
विशेषज्ञों का मानना है कि गोवंश प्रबंधन नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विशेषकर वर्षाकाल में मुख्य मार्गों को अवरोध मुक्त रखना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना प्रशासन का दायित्व है। मौजूदा स्थिति को कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी माना जा रहा है।
यदि समय रहते गोवंश को सड़कों से हटाकर गौशालाओं में समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो बारिश के इस मौसम में किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।




