धार भोजशाला में गूंजी राष्ट्रीय कवि देवकृष्ण व्यास की रचित मां वाग्देवी की आरती, नियमित सत्याग्रह में हुआ सम्मान


भोजशाला में मंगलवार के नियमित सत्याग्रह में पहुंचे राष्ट्रीय कवि, श्रद्धालुओं ने किया स्वागत
देवास/धार। भोजशाला एवं मां वाग्देवी के गौरव की पुनर्स्थापना के लिए सकल हिन्दू समाज और महाराजा भोज उत्सव समिति द्वारा प्रत्येक मंगलवार आयोजित किए जाने वाले नियमित सत्याग्रह के तहत इस बार राष्ट्रीय कवि एवं वरिष्ठ साहित्यकार देवकृष्ण व्यास ने सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने अपनी नवीनतम रचना ‘मां वाग्देवी की आरती’ का सस्वर पाठ किया, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ सुना।
समिति के अनुसार, नियमित सत्याग्रह के माध्यम से वर्षों से चल रहे जनआंदोलन के बाद भोजशाला में मां वाग्देवी की आराधना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वर्तमान में प्रतिदिन देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन एवं पूजन कर रहे हैं। समिति का कहना है कि भोजशाला एवं मां वाग्देवी के गौरव की पूर्ण पुनर्स्थापना तक यह नियमित सत्याग्रह जारी रहेगा।
राष्ट्रीय कवि देवकृष्ण व्यास, जो विश्वव्यापी भारत माता की आरती के रचनाकार भी हैं, लंबे समय से महाराजा भोज उत्सव समिति के आयोजनों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि अपने साहित्यिक जीवन का पहला काव्यपाठ भी उन्होंने भोज उत्सव के मंच से ही किया था। वर्तमान में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मासिक पत्रिका के प्रधान संपादक होने के साथ विद्या भारती के कार्यों से भी जुड़े हुए हैं।
कार्यक्रम में भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने अतिथि का परिचय कराया। इसके बाद समिति के अध्यक्ष सुरेश जलोदिया, महाप्रबंधक हेमंत दौराया, मार्गदर्शक राजेश शुक्ला, संरक्षक कृष्णा नागर एवं विश्वास पांडे, महामंत्री सुमित चौधरी, वरिष्ठ मार्गदर्शक बाबूलाल नायक तथा उपाध्यक्ष श्याम मालवा ने देवकृष्ण व्यास का सम्मान किया।
नियमित सत्याग्रह में बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोग एवं मातृशक्ति उपस्थित रही। कार्यक्रम की जानकारी समिति के महाप्रबंधक हेमंत दौराया ने दी।




